अक्सर लोग पूछते हैं की कब है होली /

 

अक्सर लोग पूछते  हैं कि  होली कब है

होली है अनेकों  रंगों  का त्योहार

यहाँ  पल पल रंग बदलती है ये दुनिया

फिर भी लोग पूछते हैं की होली कब है

बिगड़े हुए रिश्तों मे  प्यार का रंग भर देना

बुझी  हुई महफिल मे आगाज  ला  देना

गले मिलना    सही दूर से ही दुआ कर देना

 अब मत पूछो की होली कब है

जैसे  मीठे फूलों  के रश  का आनंद लेती है मधुमक्की

वैसे  गुझिया  के मिठास  को चख   लेना जरा

गुलाल की  खुशबू  से  सबके दमन मे खुशियाँ  भर देना

हर पल ईश्वर  का दिया तोफा है जनाब मानो तो हर पल है होली

फिर भी अक्सर लोग पूछते हैं कि  कब है होली /

                                                                                                कीर्ति पाण्डेय 

 

 

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