15 नवम्बर ‘2023 कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि भाई दूज
आज सुबह आँख थोड़ा जल्दी खुल गयी तो मैंने सोचा जरा पौधों को सँवार दूँ / अचानक मेरी नज़र बालकनी की तरफ गयी तो देखा कि धुंधली सी अंधेरी सुबह मे चमकती हुई फूल और नारियल से सजी हुई थाल लाल टीके लगे हुए भाई बहनों की हँसती खिलखिलाता हुई टोली दिखी मन अस्तब्ध रह गया / यह देख के और मन मे कुछ जानने की जिज्ञासा हुई / फिर क्या - लगा दिया मैंने फोन लखनऊ बड़ी बहन को मैंने सोचा जानूँ जरा - उनके तजुर्बे मे क्या है आज का दिन / अब लोग घर मे उनको तजुर्बे का गुरु जो मानते थे / कुछ जानकारी उनसे ज्ञात हुई जो बड़ी ही अद्भुद और रोमांचक लगी मुझे / फिर क्या – धूल से लपटी हुई कुछ पुरानी पौराणिक कथाओं का पिटारा खोला और जो इतिहाश जाना सोचा आप सबके साथ भी साझा कर दूँ कि - आज का दिन यानि दिवाली के ठीक तीसरा दिन और गोवर्धन पूजा के दूसरा ...