DAY-3 चंद्रघंटा
सुप्रभात (जय माँ चंद्रघंटा की )
या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थितानमस्तस्य नमसतय नमस्तस्य नमो नमःनवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा को समर्पित है। माँ चंद्रघंटा की उत्पत्ति कैसे हुई ? ये बात बेहत रमणीय है। जब देवी सती ने अपने शरीर को यज्ञ अग्नि में जला दिया था, तब उसके पश्चात् उन्होंने पार्वती के रूप में पर्वतराज हिमालय के घर में पूर्ण जनम लिया। पार्वती भगवन शिव से शादी करना चाहती थी जिसके लिए उन्होंने घोर तपस्या की। उनकी शादी के दिन भगवान शिव अपने साथ सभी अघोरियों के साथ देवी पार्वती को अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे तो शिव के उस भयानक रूप को देखकर उनके माता पिता और अतिथिगण भयभीत हो गए और पार्वती की माँ मैना देवी तो डर के कारण मूर्छित ही हो गई। तब इन सब को देख कर देवी पार्वती ने चंद्र घंटा का रूप धारण किया/ और भगवन शिव के पास पहुँच गई। उन्होंने बहुत विनम्रता से भगवन शिव से एक आकर्षक राजकुमार के रूप में प्रकट होने के लिए कहा और शिव भी सहमत हो गए। पार्वती ने फिर अपने परिवार को संभाला और सभी अप्रिय यादों को मिटा दिया और भगवान शिव के साथ विवाह किया। तब से देवी पार्वती को शांति और क्षमा की देवी के रूप में उनके चंद्रघंटा अवतार में पूजा जाता है। और नवरात्रि का तीसरा दिन चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है /
माँ चंद्रघंटा, जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करती है, उनके माथे में एक घंटा, या घंटी के स्थान पर एक चंद्र या आधा चंद्रमा होता है। वह आकर्षक , सुनहरे चमकीले रंग की हैं और शेर की सवारी करती हैं। उसके दस हाथ, तीन आंखें हैं और उनके हाथों में हथियार हैं। वह वीरता की दूत हैं, और राक्षसों के खिलाफ लड़ाई में लड़ने के लिए महान शक्ति रखती है। कल माँ के इस रूप को हम सब नमन करेंगे / इस रूप मे ही माँ जगत जननी उत्तेजित होकर सृष्टि और देवताओं की सुरक्षा के लिए महिशासुर नमक दैत्य का बध भी किया था /
माँ के इस दिन से हमें ये बात समझना बेहद जरूरी है कि हमारे जीवन मे
किसी भी मुद्दे को आसानी से धैर्य से पुरानी बातों को भूलकर हर समस्या का विकल्प निकालना चाहिए ।क्यूंकी हर औरत को माँ दुर्गा के रूप मे जाना जाता है / और
माँ दुर्गा (चंद्रघंटा ) शिव जी के सामने अपनी
बात मनवाने के लिए नतमस्तक हो गयी थी /और भगवान शिव जी ने माँ के इस निवेदन को
स्वीकार किया यही बात हर नारी मे होनी चाहिए /
धन्यवाद/
(kirti pandey)
Comments